| विभाग | पशु पालन विभाग |
| योजना का नाम | अनुदान के आधार पर वराह त्रयी (सूकर त्रयी का प्रदाय) |
| हितग्राही मूलक है या नही | हाँ |
| अधिकार क्षेत्र | राज्य प्रवर्तित योजना |
| योजना का उद्येश्य | देशी / स्थानीय वराह (सूकर) की नस्ल में सुधार लाना। |
| लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते / लाभार्थी चयन प्रक्रिया | अनुसूचित जाति/जनजाति के वराह (सूकर) पालक |
| लाभार्थी वर्ग | अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति |
| लाभार्थी का प्रकार | महिला एवं पुरूष पशुपालक लाभार्थी |
| लाभ की श्रेणी | अनुदान |
| योजना का क्षेत्र | Urban and Rural |
| आवेदन/संपर्क/पंजीयन/प्रशिक्षण कहाँ करें | योजना अंतर्गत देशी / स्थानीय सूकरों की नस्ल मे सुधार लाना । इस योजना मे केवल अनुसूचित जाति के सूकर पालक को उन्नत नस्ल का एक वराह ( सुकर ) अनुदान के आधार पर प्रदाय करने का प्रावधान । योजना प्रदेश के अनुसूचित जन जाति बाहुल्य जिलो मे क्रियक़ंवित । योजना की इकाई लागत लगभग रुपये 15000.00, अनुदान अनुसूचित जनजाति के सुकर पालको को 75 प्रतिशत अनुदान हितग्राही अंश 25 प्रतिशत् । |
| पदभिहित अधिकारी | उपसंचालक पशु चिकित्सा |
| आवेदन प्रक्रिया | हितग्राहियों का ग्राम सभा में अनुमोदन। ग्राम सभा से अनुमोदित हितग्राहियों का जनपद पंचायत की सभा में अनुमोदन। जनपद पंचायत के अनुमोदन उपरांत जिला पंचायत की कृषि स्थाई समिति की बैठक में अनुमोदन प्राप्त करना। |
| अनुदान /ऋण /वित्तीय सहायता /पेंशन/लाभ की राशि | अनुदान वर्ग के लिये 75 प्रतिशत , हितग्राही अंश 25 प्रतिशत |
| अपडेट दिनांक | 20-05-2026 13:46:44 |