योजना की जानकारी

विभागपशु पालन विभाग
योजना का नामआचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना
हितग्राही मूलक है या नहीहाँ
अधिकार क्षेत्रराज्य प्रवर्तित योजना
योजना कब से प्रारंभ की गयी??????? ??
योजना का उद्येश्य1 दुग्ध उत्पादन में वृद्धि। 2 हितग्राहियों की आर्थिक स्थिति मे सुधार लाना। 3 पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि 4 रोजगार के अवसर प्रदाय करना
लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते / लाभार्थी चयन प्रक्रियाष्हितग्राहियों का ग्राम सभा में अनुमोदन। ग्राम सभा से अनुमोदित हितग्राहियों का जनपद पंचायत की सभा में अनुमोदन। जनपद पंचायत के अनुमोदन उपरांत जिला पंचायत की कृष्षि स्थाई समिति की बैठक में अनुमोदन प्राप्त करना।
लाभार्थी वर्गसभी वर्ग के पशुपालक
लाभार्थी का प्रकारमहिला एवं पुरूष पशुपालक लाभार्थी
लाभ की श्रेणीअनुदान
योजना का क्षेत्रUrban and Rural
पदभिहित अधिकारीउप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें।
समय सीमासमय-सीमा निर्धारित नहीं है।
आवेदन प्रक्रियाहितग्राहियों का ग्राम सभा में अनुमोदन। ग्राम सभा से अनुमोदित हितग्राहियों का जनपद पंचायत की सभा में अनुमोदन। जनपद पंचायत के अनुमोदन उपरांत जिले के उप संचालक पशुपालन विभाग अनुमोदित प्रकरण को स्वीकृति हेतु बैंक को प्रेषित कर स्वीकृति प्राप्त करेगें।
आवेदन शुल्कनिःशुल्क
अपीलउप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें
अनुदान /ऋण /वित्तीय सहायता /पेंशन/लाभ की राशि1. मार्जिन मनी अनुदानः- 1.1 सामान्य वर्ग हेतु परियोजना लागत का 25 प्रतिशत्, अधिकतम रू. 1.50 लाख 1.2 अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति हेतु परियोजना लागत का 33 प्रतिशत्, अधिकतम रू. 2.00 लाख । 2 ब्याज अनुदानः- 2.1 इकाई लागत के 75 प्रतिशत पर या हितग्राही द्वारा बैंक से प्राप्त ऋण पर जो भी कम हो 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से (अधिकतम रू. 25,000 प्रतिवर्ष) ब्याज की प्रतिपूर्ति 7 वर्षों तक विभाग द्वारा की जाएगी।
हितग्राहियों को राशि के भुगतान की प्रक्रिया / हितग्राहियों को ऋण एवं अनुदान की व्यवस्था /वित्तीय प्रावधानअनुदान राशि योजना के पुल एकाउंट से संबंधित बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से हितग्राही के खाते में जमा की जाती हैं।
योजना से सम्बंधित दस्तावेज संलग्न करेंआवेदन पत्र , जाति प्रमाणपत्र (यदि आवेदक अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जन जाति का हो)
अपडेट दिनांक17-03-2025 17:41:47

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