| विभाग | पशु पालन विभाग |
| योजना का नाम | वत्स पालन प्रोत्साहन योजना |
| हितग्राही मूलक है या नही | हाँ |
| अधिकार क्षेत्र | राज्य प्रवर्तित योजना |
| योजना का उद्येश्य | भारतीय देशी उन्नत नस्ल की गाय सुधार लाना। |
| लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते / लाभार्थी चयन प्रक्रिया | योजना का लाभ लेने हेतु ऎसे पशु पालक ही पात्र होंगे जिनके पास भारतीय देशी उन्नत नस्ल की गाय है जिसका दुग्ध उत्पादन उसकी नस्ल के औसत उत्पादन से 30 प्रतिशत अधिक है साथ ही उसका वत्स भी भारतीय देशी उन्नत नस्ल के सांड के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान/ प्राकृतिक गर्भाधान द्वारा पैदा हुआ है। |
| लाभार्थी वर्ग | सभी वर्ग के पशुपालक |
| लाभार्थी का प्रकार | पशुपालक |
| लाभ की श्रेणी | अनुदान |
| योजना का क्षेत्र | Urban and Rural |
| आवेदन/संपर्क/पंजीयन/प्रशिक्षण कहाँ करें | ऎसे पशुपालक जिनके पास भारतीय देशी उन्नत नस्ल के पशु (गाय) है तथा जिनका दुग्ध उत्पादन उस नस्ल के पशुओ के औसत दुग्ध उत्पादन से 30 प्रतिशत अधिक है एंव उसका वत्स उच्च आनुवांशिक क्षमता वाले भारतीय नस्ल के सांड के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान अथवा प्राकृतिक गर्भाधान द्वारा पैदा हुआ है। ऎसी गायो के पशुपालको को प्रोत्साहित करने के लिये राशि 5,000 रुपये एंव उनके वत्सो के संरक्षण हेतु राशि 500 रुपये प्रतिमाह पशु आहार/औषधि के रुप मे 0-4 माह की उम्र से दो वर्षो तक प्रदाय की जाएगी। इस योजना मे नर एंव मादा दोनो प्रकार के वत्स आभांवित हो सकेंगे। |
| अपडेट दिनांक | 10-11-2022 15:28:02 |