| विभाग | पशु पालन विभाग |
| योजना का नाम | वैंक ऋण एवं अनुदान पर (10+1) बकरी इकाई का प्रदाय | |
| हितग्राही मूलक है या नही | हाँ |
| अधिकार क्षेत्र | राज्य प्रवर्तित योजना |
| योजना का उद्येश्य | देशी बकरियों मे नस्ल सुधार लाना।
हितग्राहियों की आर्थिक स्थिति मे सुधार लाना।
मांस तथा दुग्ध उत्पादन मे वृद्धि करना।
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| लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते / लाभार्थी चयन प्रक्रिया | सभी वर्ग के भूमिहीन,कृषि मजदूर,सीमांत एवं लघु कृषको के लिये। |
| लाभार्थी वर्ग | सभी वर्ग के पशुपालक |
| लाभार्थी का प्रकार | सभी के लिए |
| लाभ की श्रेणी | अनुदान |
| योजना का क्षेत्र | Urban and Rural |
| आवेदन/संपर्क/पंजीयन/प्रशिक्षण कहाँ करें | योजना अंतगर्त देशी बकरियों मे नस्ल सुधार लाना एवं हितग्राहियों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना।मांस तथा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना।योजना सभी वर्ग के भूमिहीन,कृषि मजदूर,सीमांत एवं लघु कृषकों के लिये। हितग्राही को बकरी पालन का अनुभव हो। योजना प्रदेश के सभी जिलो में। इकाई लागत रुपये 77456.00 ।अनुदान अनुसूचित जनजाति/अंसूचित जाति वर्ग के लिये 60 प्रतिशत अनुदान रु. 46474/-,सामान्य वर्ग के लिये 40 प्रतिशत अनुदान रु.30982/इकाई लागत का 10 प्रतिशत हितग्राही अंशदान,शेष बैंक ऋण | |
| पदभिहित अधिकारी | उपसंचालक पशु चिकित्सा |
| आवेदन प्रक्रिया | हितग्राहियों का ग्राम सभा में अनुमोदन। ग्राम सभा से अनुमोदित हितग्राहियों का जनपद पंचायत की सभा में अनुमोदन। जनपद पंचायत के अनुमोदन उपरांत जिले के उप संचालक पशुपालन विभाग अनुमोदित प्रकरण को स्वीकृति हेतु बैंक को प्रेषित कर स्वीकृति प्राप्त करेगें। |
| अनुदान /ऋण /वित्तीय सहायता /पेंशन/लाभ की राशि | अनुदान सामान्य वर्ग हेतु 40 प्रतिशत एवं अ.जा./अ.ज.जा. हेतु 60 प्रतिशत |
| अपडेट दिनांक | 17-03-2025 17:24:19 |