| विभाग | मत्स्य पालन एवं मछुआ विकास विभाग |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना - जलाशयों मे केज कल्चर |
| हितग्राही मूलक है या नही | हाँ |
| अधिकार क्षेत्र | केंद्र प्रवर्तित योजना |
| योजना कब से प्रारंभ की गयी | 2016-01-01 |
| योजना का उद्येश्य | मत्स्य उत्पादन में वृद्धि कर मत्स्य पालकों की आय दुगूनी करना। |
| लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते / लाभार्थी चयन प्रक्रिया | (1) केज कल्चर कार्यक्रम मे लिए जाने वाले जलाशय मे िजिस जगह केेेज लगाया जाना हो वहॉ पर जल के स्तर की गहराई ग्रीष्म ऋतु मे भी 20 फिट न्यूनतम होना चाहिए ।
(2) प्रति केज 4 से 5 टन पंगेशियस मत्स्य उत्पादन प्राप्त हो ।
(3) समिति/समूह/हितग्राही को मत्स्य पालन हेतु जलाशय पट्टे पर आवंटित होना चाहिए।
(4) एक बैटरी में 4 केज जिसका आकार 6x4x4 मीटर हो।
(5) हितग्राही को योजना के संचालित रखने के लिये आदर्श अनुबंध जिला अधिकारी के साथ करना होगा। |
| लाभार्थी वर्ग | सभी के लिए |
| लाभार्थी का प्रकार | मत्स्यपालक |
| लाभ की श्रेणी | मछलीपालन |
| योजना का क्षेत्र | Urban and Rural |
| आवेदन/संपर्क/पंजीयन/प्रशिक्षण कहाँ करें | कार्यालय-उप/सहायक संचालक मत्स्योद्योग |
| पदभिहित अधिकारी | सहायक संचालक मत्स्य उद्येेाेग |
| समय सीमा | 30 दिवस |
| आवेदन प्रक्रिया | सभी वर्ग के मत्स्यपालक |
| आवेदन शुल्क | निशुल्क |
| अपील | जिला पंचायत |
| अनुदान /ऋण /वित्तीय सहायता /पेंशन/लाभ की राशि | इकाई लागत रू.3.00 लाख। योजना लागत का 40 प्रतिशत सामन्य वर्ग को एवं अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/महिला हितग्राही को 60 प्रतिशत अनुदान राशि उपलब्ध कराय जाने का प्रावधान है। |
| हितग्राहियों को राशि के भुगतान की प्रक्रिया / हितग्राहियों को ऋण एवं अनुदान की व्यवस्था /वित्तीय प्रावधान | हितग्राही स्वंय के व्यय से अथवा वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकता है । योजना का कार्य पूर्ण होनें एवं मुल्याकन होनें के उपरांत अनुदान राशि हितग्राही के वचत खाते में जमा की जावेगी |
| ऑनलाइन आवेदन हेतु लिंक | www.mpfisheires.gov.in |
| अपडेट दिनांक | 17-07-2025 11:40:07 |