| विभाग | लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग |
| योजना का नाम | राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम |
| हितग्राही मूलक है या नही | हाँ |
| अधिकार क्षेत्र | केंद्र प्रवर्तित योजना |
| योजना कब से प्रारंभ की गयी | ???? ?? ?? |
| योजना का उद्येश्य | योजना का उद्देश्य ०-१८ वर्ष के 4 D अंतर्गत जन्मजात विकृति,बाल्यकाल रोग,बाल्यकाल कमी, विकासात्मक विलम्ब सह दिव्यान्गता (Birth defect, Childhood Disease, deficiencies, Developmental Delay) से ग्रसित बच्चों के चिन्हांकित बच्चों का शासन द्वारा देश/प्रदेश के शासकीय एवं मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सालयो में निःशुल्क उपचार प्रदान कराया जाना,
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत भारत शासन द्वारा ० से १८ वर्ष के 4 D अंतर्गत जन्मजात विकृति,बाल्यकाल रोग,बाल्यकाल कमी, विकासात्मक विलम्ब सह दिव्यान्गता (Birth defect, Childhood Disease, deficiencies, Developmental Delay) से ग्रसित बच्चों के उपचार हेतु मॉडल कॉस्टिंग पैकेज स्वीकृत किया गया है जिसमे ३० प्रकार की बीमारियों के उपचार हेतु राशि निर्धारित की जाकर राशि स्वीकृत की गई है, |
| लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते / लाभार्थी चयन प्रक्रिया | योजना का लाभ लिए जाने हेतु हितग्राही की आयु ० से १८ वर्ष एवं हितग्राही के अभिभावक के पास प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है | |
| लाभार्थी वर्ग | समस्त नाबालिक(18 वर्ष से कम) |
| लाभार्थी का प्रकार | बच्चे (0 से 18 वर्ष के बच्चे) |
| लाभ की श्रेणी | निःशुल्क उपचार तथा उपचार उपरांत फ़ॉलोअप |
| योजना का क्षेत्र | Urban and Rural |
| आवेदन/संपर्क/पंजीयन/प्रशिक्षण कहाँ करें | बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उदश्य जन्मजात दोष, रोग, विकृति , विकास मे देरी और विंकलांगता का जल्दी पता लगाकर बच्चो के जीवन की समग्र गुणवत्ता मे सुधार लाना है। 0 स 18 वर्ष की उम्र के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है इस हेतु अस्पतालों एवं घरो मं प्रसव पर नवजात की जाच करना, आगनवाड़ी केन्द्रो पर 6 माह से 6 वर्ष की उम्र तक बच्चों की जाच, एवं सरकारी एवं सरकारी अनुदान प्राप्त स्कूलो मे पढ़ने वाले 6 वर्ष से 18 वर्ष तक की उम्र के बच्चो का स्वास्थ्य परीक्षण करना। इन सभी मे से जिस भी बच्चें को प्रचलित 4-डी के अंतर्गत डीफेक्ट एट बर्थ जन्म के समय विकृति डिसिज इन चिल्ड्रन बच्चों मे रोंग डिफिषिएंसी कंडीषन कमियां की स्थिति डेवलपमेंट डिले इन्क्लूडिंग डिसएबीलिटि विंकलांगता सहित विकास मे देरी। 30 बीमारियों मे से कोई बीमारी पाई जाती है तो वह इस कार्यक्रम के तहत निःषुल्क उपचार, फालोअप, रेफरल सहायता प्राप्त करेगा जिसमें उच्च स्तर पर सर्जरी भी शामिल है। |
| पदभिहित अधिकारी | मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी |
| समय सीमा | चिकित्सालय से प्रांकलन प्राप्त होने के उपरांत आवेदन प्राप्ति के १० दिवस के अंदर प्रकरण की स्वीकृति | |
| आवेदन प्रक्रिया | जिलों पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत संचालित जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र /सिविल सर्जन कार्यालय/मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में उपचार हेतु आवेदन दिया जाता है l आवेदन का परीक्षण उपरांत बच्चे की विशेषज्ञ चिकित्सक से जाँच करा कराई जाती है एवं यदि बच्चा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत भारत शासन द्वारा स्वीकृत मॉडल कॉस्टिंग पैकेज में चिन्हित बीमारी से ग्रसित है तो उसके उपचार हेतु मान्यता प्राप्त चिकित्सालय में जांच कराकर उपचार/सर्जरी का प्राक्कलन प्राप्त किया जाता है एवं सम्बंधित चिकित्सालय को उपचार स्वीकृति आदेश जारी किया जाकर उपचार / सर्जरी कराई जाती है |
| आवेदन शुल्क | निःशुल्क |
| अपील | मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कलेक्टर |
| अनुदान /ऋण /वित्तीय सहायता /पेंशन/लाभ की राशि | निशुल्क उपचार |
| हितग्राहियों को राशि के भुगतान की प्रक्रिया / हितग्राहियों को ऋण एवं अनुदान की व्यवस्था /वित्तीय प्रावधान | उपचार उपरांत देयको का भुगतान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा सम्बंधित मान्यता प्राप्त चिकित्सालय को किया जाता है | कार्यक्रम अंतर्गत हितग्राही को राशि/अनुदान प्रदान किये जाने का प्रावधान नहीं है | |
| योजना से सम्बंधित दस्तावेज संलग्न करें | जन्म प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र/वोटर आईडी/राशन कार्ड/ आधार कार्ड/ बिजली बिल |
| अपडेट दिनांक | 31-07-2024 16:53:45 |