| विभाग | पशु पालन विभाग |
| योजना का नाम | अनुदान के आधार पर वराह त्रयी (सूकर त्रयी) का प्रदाय) |
| हितग्राही मूलक है या नही | हाँ |
| अधिकार क्षेत्र | राज्य प्रवर्तित योजना |
| योजना कब से प्रारंभ की गयी | ????????? |
| योजना का उद्येश्य | देशी स्थानीय सूकरों की नस्ल मे सुधार लाना । |
| लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते / लाभार्थी चयन प्रक्रिया | हितग्राहियों का ग्राम सभा में अनुमोदन। ग्राम सभा से अनुमोदित हितग्राहियों का जनपद पंचायत की सभा में अनुमोदन। जनपद पंचायत के अनुमोदन उपरांत जिला पंचायत की कृषि स्थाई समिति की बैठक में अनुमोदन प्राप्त करना। |
| लाभार्थी वर्ग | सामान्य ,अन्य पिछड़ी जाति ,अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति |
| लाभार्थी का प्रकार | पशुपालक |
| लाभ की श्रेणी | अनुदान |
| योजना का क्षेत्र | Urban and Rural |
| आवेदन/संपर्क/पंजीयन/प्रशिक्षण कहाँ करें | उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें। |
| पदभिहित अधिकारी | उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें। |
| समय सीमा | समय-सीमा निर्धारित नहीं है। |
| आवेदन प्रक्रिया | लाभार्थी द्वारा आवेदन पत्र निकटतम पशु चिकित्सा संस्थान में प्रस्तुत किया जाता हैं। |
| आवेदन शुल्क | निःशुल्क |
| अपील | उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें |
| अनुदान /ऋण /वित्तीय सहायता /पेंशन/लाभ की राशि | इकाई लागत का 75 प्रतिशत अनुदान |
| हितग्राहियों को राशि के भुगतान की प्रक्रिया / हितग्राहियों को ऋण एवं अनुदान की व्यवस्था /वित्तीय प्रावधान | अनुदान राशि हितग्राही के खाते में सीधे जमा की जाती हैं। |
| योजना से सम्बंधित दस्तावेज संलग्न करें | आवेदन पत्र |
| अपडेट दिनांक | 14-12-2022 13:12:03 |