| विभाग | कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग |
| योजना का नाम | प्रदर्शनी प्रचार-प्रसार |
| अधिकार क्षेत्र | राज्य प्रवर्तित योजना |
| योजना कब से प्रारंभ की गयी | १९८३-८४ |
| योजना का उद्येश्य | प्रदेश के शिल्पी/बुनकरों को उनकी उत्पादित सामग्री को विक्रय करने हेतु बाजार उपलब्ध कराना। उद्यमियों /स्व-सहायता समूहों को मेला प्रदर्शनियों में भागीदारी हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना। |
| लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते / लाभार्थी चयन प्रक्रिया | शिल्प में पंजीयन |
| लाभार्थी वर्ग | सभी के लिए |
| लाभार्थी का प्रकार | शिल्पी/बुनकर |
| लाभ की श्रेणी | अनुदान |
| योजना का क्षेत्र | शहरी एवं ग्रामीण |
| पदभिहित अधिकारी | प्रबंधक/प्रभारी |
| समय सीमा | त़तसमय निर्धारित की गई समयावधि अनुसार |
| आवेदन प्रक्रिया | आवश्यक नहीं |
| आवेदन शुल्क | आवश्यक नहीं |
| अपील | मुख्यालय |
| अनुदान /ऋण /वित्तीय सहायता /पेंशन/लाभ की राशि | योजना के स्वरूप अनुसार वित्तीय सहायता |
| हितग्राहियों को राशि के भुगतान की प्रक्रिया / हितग्राहियों को ऋण एवं अनुदान की व्यवस्था /वित्तीय प्रावधान | बैंक के माध्यम से |
| योजना से सम्बंधित दस्तावेज संलग्न करें | शिल्प में पंजीयन |