योजना की जानकारी

विभागपशुपालन एवं डेयरी विभाग
योजना का नाममुख्‍यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम (विशेष पिछडी जनजाति बैगा, भारिया एवं सहरिया)
अधिकार क्षेत्रराज्य प्रवर्तित योजना
योजना कब से प्रारंभ की गयी1900-01-01
योजना का उद्येश्यकार्यक्रम प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया एवं भारिया हेतु क्रियान्वित की जाएगी प्रदेश के वे जिले जहां विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा, सहरिया एवं भारिया के लोग निवासरत है। योजना से जनजाति की आर्थिक स्थिति में सुधार, अतिरिक्‍त आय के साधन, पोष्टिक आहार, एवं पशुपालन से जोडना। कार्यक्रम विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा छः जिले यथा ड़िण्ड़ोरी, उमरिया, शहड़ोल, अनुपपुर, मण्ड़ला तथा बालाघाट, भारिया जनजाति जिला छिंदवाड़ा तथा सहरिया हेतु ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, श्योपुरकला, मुरैना तथा भिण्ड़ जिले में।
लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते / लाभार्थी चयन प्रक्रियापशुओं का संबंधित ब्रीडिंग ट्रेक्ट/प्रमाणित पशु बाजार/प्रोग्रेसिव कृषक/संगठित प्रक्षेत्र से एवं नाबार्ड द्वारा निर्धारित दरों एवं मापदण्डों अनुसार किया जाएगा। 3.2 क्रय किए जाने वाले पशुओं प्रथम या द्वितीय ब्यात के होने चाहिए तथा दुग्ध उत्पादन वर्णित देशी दुधारू नस्ल की गाय में 7 लीटर से कम न हो। एवं दुधारू भैंस में 08 लीटर से कम न हो। 3.3 क्रय किए जाने वाले पशु के वत्स की आयु 2 माह से अधिक नहीं होना चाहिए। 3.4 सभी पशु रोग मुक्त एवं स्वस्थ होने चाहिए। 3.5 क्रय किये गये पशुओं में टैग लगा होना अनिवार्य है।
लाभार्थी वर्गअन्य पिछड़ी जाति
लाभार्थी का प्रकारपशुपालक
लाभ की श्रेणीअनुदान
योजना का क्षेत्रRural
आवेदन/संपर्क/पंजीयन/प्रशिक्षण कहाँ करेंसंबंधित जिले के निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारी/पशु औषधालय के प्रभारी /उपसंचालक पशु चिकित्सा ।
पदभिहित अधिकारीउपसंचालक
आवेदन प्रक्रिया2.1 कार्यक्रम केवल विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा, सहरिया एवं भारिया पशुपालकों के लिए है। 2.2 कार्यक्रम हेतु हितग्राही द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन अपने निकटतम पशु चिकित्सा संस्था/ दुग्ध सहकारी समिति को प्रेषित करना होगा। 2.3 हितग्राहियों का ग्राम सभा एवं जनपद पंचायत की कृषि स्थाई समिति तथा जिला पंचायत की कृषि स्थाई समिति में अनुमोदन उपरांत जिले के उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाऐ चयन की कार्यवाही पूर्ण करेंगें। 2.4 प्रदेश के वे जिले जहां विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा, सहरिया एवं भारिया के लोग निवासरत है। विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा छः जिले यथा ड़िण्ड़ोरी, उमरिया, शहड़ोल, अनुपपुर, मण्ड़ला तथा बालाघाट, भारिया जनजाति जिला छिंदवाड़ा तथा सहरिया हेतु ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, श्योपुरकला, मुरैना तथा भिण्ड़ जिले को कार्यक्रम में सम्मिलित किये जायेंगे। 2.5 एम.पी.सी.डी.एफ के मिल्क रूट पर प्राथमिकता के आधार पर हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। 2.6 बैगा सहरिया एवं भारिया जनजाति के प्रति हितग्राही को 02 देशी नस्ल की दुधारू गाय/मुर्रा भैंस 90 प्रतिशत अनुदान एवं 10 प्रतिशत हितग्राही अंश से संचालित होगी। 2.7 क्लस्टर बनाने एवं मिल्क रूट स्थापित करने की कार्यवाही जिले के उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाये तथा दुग्ध संघ के अधिकारियों द्वारा सम्पादित की जायेगी। 2.8 गाय/भैंस की चयन प्रक्रिया/क्रय प्रक्रिया पूर्ण रूप से पारदर्शी रखा जाये। 2.9 पशुपालकों को डेयरी से संबंधित प्रशिक्षण पशु प्रदाय के पूर्व दिया जाये। 2.10कार्यक्रम मे प्रावधान अनुसार पशु को उत्‍तम गुणवत्‍ता का आहार दिया जाये। 2.11पशुओं के प्रदाय की कार्यवाही मध्यप्रदेश राज्य पशुधन कुक्कुट विकास निगम द्वारा की जावेगी एवं रिपोर्ट संचालनालय को समय-समय पर उपलब्‍ध कराना होगा।
अनुदान /ऋण /वित्तीय सहायता /पेंशन/लाभ की राशि90 प्रतिशत अनुदान एवं 10 प्रतिशत हितग्राही अंश

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